Dard Bhari Shayari in Hindi with HD Pictures | दर्द भरी शायरी

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अक्सर देखा गया है की लोगों को Dard Bhari Shayari उस वक्त सुनना तथा पढ़ना अच्छा लगता है जब वे खुद किसी दर्द से गुजर रहे होते है ,इसीलिए वे अपने अनुभव को किसी न किसी माध्यम से निकालने के लिए या उसे किसी और के साथ बया करने के लिए दर्द भरी शायरी को खोजते रहते है

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Dard Bhari Shayari in Hindi with HD Pictures

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इसे इत्तेफाक समझो या दर्दनाक हकीकत, आँख जब भी नम हुई, वजह कोई अपना ही निकला !!
आदत बना ली मैंने खुद को तकलीफ देने की,ताकि जब कोई अपना तकलीफ दे तो ज्यादा तकलीफ ना हो !!
जिन्दगी भर कोई साथ नहीं देता यह जान लिया हमने,लोग तो तब याद करते है जब वो खुद अकेले होते है !!
ज़िन्दगी में ज़िन्दगी से हर चीज़ मिली,मगर उनके बाद ज़िन्दगी न मिली !!
टूटे हुए सपनो और छूटे हुए अपनोने मार दिया,वरना खुशी खुद हमसे मुस्कूराना सिखने आया करती थी !!
ना उजाड़ ए ख़ुदा किसी के आशियाने को,
बहुत वक़्त लगता है, एक छोटा सा घर बनाने को !!
ख़ुदा तूने तो लाखो की तकदीर संवारी है,
मुझे दिलासा तो दे की अब तेरी बारी है !!
फिक़र तो तेरी आज भी है पर,
जिक़र करने का हक़ नहीं रहा !!
दुनियावालों ने तो फकत उसको हवा दी थी,
लोग तो घर के ही थे आग लगाने वाले !!
लड़ना ही मुकद्दर है तो फिर लड़ के मरेंगे,
ख़ामोशी से मर जाना मुनासिब नहीं होगा !!
ना जाने किन रैन बसेरो की तलाश है इस चाँदको,रात भर बिना कंबल के तन्हा भटकता है आसमान मे !!
मैं तुमसे अब कुछ नहीं माँगता ए ख़ुदा,
तेरी देकर छीन लेने की आदत मुझे मंज़ूर नहीं !!
तमाम जख्मो के साथ इसलिये जी रही हु की,
एक दिन तो वो मिलेगा जो मरहम लगाना जानता है !!
कोई और इल्जाम है तो वो भी देते जाओ,
हम तो पहले से ही बुरे थे थोड़े और सही !!

सोचते है सीख ले हम भी बेरुखी करना सबसे,
सब को मोहब्बत देते देते हमने अपनी क़दर खो दी है !!
बड़ी बरकत है तेरे इश्क़ में,
जब से हुआ है, कोई दूसरा दर्द ही नहीं होता !!
तुम अपने ज़ुल्म की इन्तहा कर दो,
फिर कोई हम सा बेजुबां मिले ना मिले !!
काश ! ऐसी लापरवाही हो जाये मुझसे की,
मैं अपनी गम की गठरी कहीं भूल जाऊ !!
यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया,की तेरे अपने ही बहुत है तुझे रुलाने के लिए !!
क्या खूब सिला दिया है दिल लगाने का,
लहजा भी भूल गया हूँ मैं मुस्कुराने का !!
समझौतो की भीड़-भाड़ में सबसे रिश्ता छुट गया,इतने घुटने टेके हमने आख़िर घुटना टूट गया !!
कैद करके तेरे चहेरे को,
मेरी आँखों ने ख़ुदकुशी कर ली !!

ये ना पुछ मै शराबी कयुँ हुआ, बस युं समझ ले की,गमों के बोझ से नशे की बोतल सस्ती लगी !!
कभी भी ख़ुशी मे Status नहीं लिखा जाता है,
ये वो धुन है जो दिल टूटने पर बनती है !!
मैं किस्मत का सबसे पसंदीदा खिलौना हूँ,
वो रोज़ जोड़ती है मुझे फिर से तोड़ने के लिए !!
तेरे दावे है तरक्की के तो फिर ऐसा क्यों है,
मुल्क मेरा आज भी फुटपाथ पर सोता क्यों है !!
अज़ीब किस्सा देखा आज हमने खुदकुशी का,
एक आदमी ने ज़िंदगी से तंग आकर मोहब्बत कर ली !!
दिल तो करता है की रूठ जाऊँ कभी बच्चों की तरह,फिर सोचता हूँ की मनाएगा कौन ?

जब भी मेरी कलम कोई आह भरती है,
पता नहीं ये दुनिया क्यूं वाह-वाह करती है !!
ज़िन्दगी सारी गुज़र गई काँटो की कगार पर,
पर आज फूलों ने मचाई है भीड़ हमारी मज़ार पर !!
तुम्हारा शक सिर्फ हवाओ पे गया होगा,
चिराग खुद भी तो जल-जल के थक गया होगा !!
ये दिल भी कितना पागल है,
हंमेशा उसी की फिकर में डुबा रहता है जो इसका होता ही नहीं है !!
हमने तो सिर्फ अपने आंसुओं की वजह लिखी है,पता नहीं लोग क्यों कहते है की वाह ! क्या ग़ज़ल लिखी है !!
जिस परिंदे को अपनी उड़ान से फुरसत ना थी कभी,आज हुआ तनहा तो मेरी ही दिवार पे आ बैठा !!
किसे परवाह है बिजलियों के गिरने की,
खाक होने को जब आशियाना ही न रहा !!
उनको डर है की हम उन के लिए जान नही दे सकते,और मुझे खौफ है की वो रोएंगे बहुत मुझे आज़माने के बाद !!
यूँ ही नहीं आ जाता शायरी का हुनर,
किसी की मोहब्बत में खुद को तबाह करना पड़ता है !!
उन लम्हों की यादें ज़रा संभाल के रखना,जो हमने साथ बिताये थे,क्यूंकि हम याद तो आयेंगे मगर लौट कर नहीं !!
मेरे दर्द भी औरो के काम आते है,
मैं जो रो दूँ तो लोग मुस्कुराते है !!
जब लगा था तीर तब इतना दर्द ना हुआ,
जख्म का एहसास तब हुआ जब कमान देखी अपनो के हाथ !!
कैसे बयान करू अपने दर्द को,
सुनने वाले बहुत है पर महेसुस करने वाला कोई नहीं !!
कल रात मैंने अपने सारे ग़म कमरे की दीवार पर लिख डाले,बस फिर हम सोते रहे और दीवारें रोती रही !!
सामान बाधें हुए इस सोच में गुम हुँ,
जो कहीं के नहीं रहते वो कहाँ जाते है !!
काट कर मेरी जुबां कर गया खामोश मुझे,
बेखबर को नहीं मालूम की मन बोलता है !!
लगी प्यास गज़ब की थी और पानी में जहर भी था,पीते तो मर जाते और न पीते तो भी मर जाते !!
नए लोग से आज कुछ तो सीखा है,
पहले अपने जैसा बनाते है फिर अकेला छोड़ देते है !!
लोग अकसर पूछते है किसके लिये लिखते हो,
अौर अकसर दिल यही केहता है काश कोई होता !!

तकदीर ने यह कहकर बङी तसल्ली दी है मुझे की,वो लोग तेरे काबिल ही नहीं थे,जिन्हें मैंने दूर किया है !!
हमसे खेलती रही दुनिया ताश के पत्तो की तरह,
जिसने जीता उसने भी फेंका और जिसने हारा उसने भी फेंका !!
वक़्त भी लेता है करवटे कैसी कैसी,
इतनी तो उम्र भी नहीं थी, जितने हमने सबक सीख लिए !!
कीसी की तलाश में मत नीकलो,
लोग खो नहीं जाते, बदल जाते है !!
ख़्वाहिशों का कैदी हूँ मैं,
मुझे हकीक़ते सज़ा देती है !!
आंसुओ का कोई वजन नहीं होता दोस्त,
पर न जाने इनके गिर जाने से मन हल्का क्युँ हो जाता है !!
आज जिस्म में जान है तो देखते नही हैं लोग,
जब रूह निकल जाएगी तो कफन हटा हटा कर देखेंगे लोग !!
जिन्दगी बैक टु बैक दर्द दे रही है,
डर है कहीं बड़ा होकर अल्ताफ राजा न बन जाऊ !!
न जाने कब खर्च हो गये, पता ही न चला,
वो लम्हे जो छुपाकर रखे थे जीने के लिए !!
दहशत सी होने लगी है, इस सफ़र से अब ….
ऐ जीन्दगी कहीं तो पहुँचा दे, ख़त्म होने से पहले !!

खुद कभी बेचा करता था दर्दे दिल की दवा,
आज वक़्त मुझे अपनी ही दुकान पर ले आया !!
हर कोई मुझे जिंदगी जीने का तरीका बताता है,
उन्हे कैसे समझाऊ की एक ख्वाब अधुरा है वर्ना जीना मुझे भी आता है !!
मुझको ढुँढ लेता है, रोज किसी बहाने से,
दर्द वाकिफ हो गया है, मेरे हर ठिकाने से !!
क्या लिखु अपनी जिंदगी के बारे में दोस्तो,
वो लोग ही बिछड़ गए है जो जिंदगी हुआ करते थे !!
थोडी मुस्कुराहटे ऊधार दे दे मूझे ए ज़िन्दगी,
कुछ अपने आ रहे है, मिलने की रस्म निभानी है !!
अब मेरी जिंदगी की दुआ मांगते है लोग,
जब मैंने जिंदगी को नजर से गिरा दिया !!
ए दोस्तो इश्क़ का दस्तूर ही कुछ ऐसा होता है,
जो इसको जान लेता है ये साला उसीकी जान ले लेता है !!
जिसने देखा ही नहीं आंसुओं की बरसात का मौसम,वो शख्श क्या जाने की दिल का दर्द क्या है !!
क्या पानी पे लिखी थी मेरी तकदीर मेरे मालिक,
हर ख्वाब बह जाता है मेरे रंग भरने से पहले ही !!
यूँ तो कोई शिकायत नहीं मुझे मेरे आज से,
मगर कभी-कभी बीता हुआ कल बहुत याद आता है !!

वापसी का कोई सवाल ही नहीं,
घर से निकला हूँ, आँसुओ की तरह !!
हर जुर्म पे ‎उठती है ‎उँगलिया मेरी ‎तरफ,
मेरे सिवा शहर में मासूम है लोग ‎सारे !!
बेबसी किसे कहते है ये पूछो उस परिंदे से,
जिसका पिंजरा रखा भी तो खुले आसमान के तले !!
ऐ नसीब एक बात तो बता जरा,
सब को आजमाता है या मुझसे ही दुश्मनी है ?
बड़ी बेरंग सी हो गयी है अब मेरी ज़िन्दगी,
एक वक़्त था जब लोग मुझसे खुश होने का राज़ पूछते थे !!
मेरे अल्फाजो को सुनने वाले तो बहुत है,
पर मेरी ख़ामोशी को समझने वाला कोई नहीं !!
अफसोस ये नहीं है की दर्द कितना है,
अफसोस ये है की तुम्हे परवाह नहीं है !!
मैं खुद भी अजनबी हूँ अपने लिए,
मुझे गैर कहने वाले तेरी बात में दम तो है !!
बहुत सीमेंट है साहब आजकल की हवाओं में,
दिल कब पत्थर हो जाता है पता ही नहीं चलता !!
बड़े ना-आशना थे हम पहले इस जहाँ में,
तेरी आरजू में मिटे तो वजूद बना हमारा !!
मेरे बुरे दौर में मुझे छोड़ कर जाने वालों,
मेरे अच्छे वक़्त में किस मुँह से लौट कर आओगे !!
मैं भी कभी हँसता खेलता था,
कल एक पुरानी तस्वीर में देखा था खुद को !!
हंसकर दर्द छुपाने की कारीगरी मशहूर है हमारी,पर हुनर काम नहीं आता जब तेरा नाम आता है !!
सारे काम ज़रूरी थे ज़िन्दगी में, और होते भी गए,एक खुदा की इबादत ही थी जो हर बार टलती गयी !!
एक ही बात इन लकीरो में अच्छी है,
धोखा देती है मग़र रहती हाथों में ही है !!
न जाने किन दुवाओ का असर है मुझ पर,
जब भी डुबना चाहता हूँ तो दरियाँ ऊछाल लेता है !!
इस दुनिया के लोग भी कितने अजीब है ना,
सारे खिलोने छोड़कर जज्बातों से खेलते है !!
आंसू भी नहीं बहाने देता ये दिल अब तो कहता है…ऐसे कैसे इन आंसुओ को बहा सकते हो तुम..इस पर भी तो उसका नाम है !!
जी रहा हूं अभी तेरी शर्तो के मुताबिक,
दौर आएगा कभी मेरी फरमाइशों का भी !!
वक्त लगेगा पर संभल जाऊंगा,
ठोकर से गिरा हूँ, अपनी नजरो से नहीं !!
ऐ बादल ! मेरी आँखे तुम रख लो,
कसम से बड़ी माहिर हैं बरसने में !!
आज मेरी माँ ने बताया मुझे,
बचपन मे कभी मै भी हँसता था !!

दर्द की बारिशों में हम अकेले ही थे,
जब बरसी ख़ुशियाँ न जाने भीड़ कहां से आ गयी !!
पत्थर तो बहुत मारे थे लोगो ने मुझे,
लेकिन जो दिल पर आ के लगा वो किसी अपने ने मारा था !!
चलते थे इस जहाँ में कभी सीना तान के हम भी,
ये कम्बख्त इश्क़ क्या हुआ घुटनो पे आ गए !!
वो जो तुमने एक दवा बतलाई थी ग़म के लिए,
ग़म तो ज्यों का त्यों रहा, बस हम शराबी हो गये !!
कितनी जल्दी दूर चले जाते है वो लोग,
जिन्हें हम जिंदगी समझ के कभी खोना नहीं चाहते !!
शायरी करनी है तो मोहब्बत कर,
दिल के जख्म जरूरी है शायरी के लिए !!
इन्सान कम थे क्या,
जो अब मौसम भी धोखा देने लगे !!
संघर्षो में यदि कटता है तो कट जाए सारा जीवन,कदम-कदम पर समझौता, मेरे बस की बात नहीं !!
तुम सो जाओ अपनी दुनिया में आराम से,
मेरा अभी इस रात से कुछ हिसाब बाकी है !!

गिनती में ज़रा कमज़ोर हूँ मैं,
ज़ख्म बेहिसाब़ न दिया करो, दुगना करके वापीस दुंगा !!
मेरे तो दर्द भी औरो के काम आते है,
मैं रो पडु तो कई लोग मुस्कराते है !!
उठाना खुद ही पड़ता है थका टुटा बदन अपना,
की जब तक साँसे चलती है, कन्धा कोई नहीं देता !!
कोई उसे खुश करने के बहाने ढूंड रहा था,
मैने कहा- उसे मेरे मरने की खबर सुना दे !!
वो हैरान है मेरे सब्र पर तो उन्हें कह दो,
जो आंसू दामन पर नहीं गिरते वो दिल चिर देते है !!
दफा हो जा ए मोहब्बत मेरी जिन्दगी से,
हंसी हंसी में तूने मेरी सारी हंसी ही छीन ली !!
तूने मुझे भुला दिया इसका मुझे गम नहीं इतना,
गम है की मुझे ठुकराकर भी तुझे कुछ न मिला !!
वो एक रात जला तो उसे चिराग कह दिया,
हम बरसो से जल रहे है, कोई तो खिताब दो !!
और कब तक खेलेगा तू मुझसे मेरे खुदा,
अब तो अपना खिलौना बदल ले !!
कुछ तो है जो बदल गया ज़िंदगी मे मेरी,
अब आइने में चेहरा मेरा, हँसता हुआ नज़र नही आता !!

सुनो ! तुम एक बार पुछ लो की कैसा हु,
घर में पङी सारी दवाइयाँ फेंक ना दू तो कहना !!
हालत पुछती नहीं दुनिया ज़िंदा लोगो की,
चले आते है ज़नाज़े पर बारात की तरह !!
लेकर के मेरा नाम मुझे कोसती तो है,
नफरत में ही सही पर मुझे सोचती तो है !!
तलब करे तो मैं अपनी आँखे भी उन्हे दे दूँ,
मगर ये लोग मेरी आँखो के ख्वाब माँगते है !!
रात की तन्हाई इंसान के,
हर दुख को ताजा कर देती है !!
वक़्त के एक दौर में इतना भूखा था मैं की,
कुछ न मिला तो धोखा ही खा गया !!
मौत से कहना हम से नाराजगी खतम कर ले,
वो लोग ही बदल गये है जिसके लिये हम जिते है !!
ज़िंदगी में लोग दर्द के सिवा दे भी क्या सकते है,
मरने के बाद दो गज़ कफ़न देते है वो भी रो रो कर !!
ए चित्रकार उस्ताद मान लूंगा तुझे,
दर्द भी खींच मेरी तस्वीर के साथ !!
लोग अक्सर मुझसे कहते है की बदल गये हो तुम,मैं मुस्कुरा कर कहता हूँ की टूटे हुये फूलो का रंग अक्सर बदल जाया करता है !!
ऐसा तो नही की हमको जिंदगी प्यारी नही,
बात ये है कि तेरे बिना .. अब ये हमारी नही !!
है दफ़न मुझमे मेरी कितनी रौनके मत पूछ,
उजड़ उजड़ कर जो बसती रही वो बस्ती हु मैं !!
नीलाम कुछ इस कदर हुए, बाज़ार-ए-वफ़ा में हम,आज बोली लगाने वाले भी वो ही थे जो कभी झोली फैला कर माँगा करते थे !!
लफ्ज बड़े बेईमान है,
मरहम देने भेजा था, चोट दे आये !!
यूँ तो कटे हुए उस पेड़ को एक ज़माना हो गया,
मगर ढूँढने अपना ठिकाना, परिंदा रोज आता है !!

ये वसीयत-ए-इश्क हम ही पे कर्ज क्यूँ?
वो भी अदा करे मोहब्बत उसे भी थी !!
ज़ख़्म दे कर ना पूछा करो दर्द की शिद्दत,
दर्द तो दर्द होता है, थोड़ा क्या, ज्यादा क्या !!
तलाश कर मेरी कमी को अपने दिल में एक बार,दर्द हो तो समझ लेना मोहब्बत अभी बाकी है !!
आओ देखो, खुद दुआ बन गयी हूँ मैं,
याद है एक बार तुमने ही कहा था की मुझे दुआ में याद रखना !!
कोई और तरीक़ा बताओ जीने का,
साँसे ले ….. ले …..कर थक गये है !!
क्या किस्मत है यारो….कब्रिस्तान खरीदा,
तो लोगो ने मरना ही छोड़ दिया !!
सूखे पत्ते ने डाली से कहा की चुपके से अलग करना,वरना लोगो का रिश्तों से भरोसा उठ जायेगा !!
मेरे मुस्कुराते चेहरे को देख तुम मुझे क्या समझोगे…मुझे तो वो नही समझ पाया जिसने मुझे मुस्कुराना सिखाया !!
अपने हालात का खुद एहसास नहीं मुझको,
मैंने औरो से सुना है की परेशान हूँ मैं !!
किताब की तरह हैं हम भी,
अलफ़ाज़ से भरपूर मगर खामोश !!
मेरी तबाहियों में तेरा हाथ है मगर
मैं सबसे कह रही हूँ की सब मुक़्क़दर की बात है !!
सो जाता है गरीब मालिक की मार खा कर,
सब के नसीब में माँ की लोरिया नही होती !!
मुझ से नाराज़ है तो छोड़ दे तन्हा मुझको,
एे ज़िन्दगी, मुझे रोज़ रोज़ तमाशा न बनाया कर !!
हो जो मुमकिन तो अपना बना लो मुझको,
मेरी तन्हाई गवाह है, मेरा अपना कोई नहीं !!
इस अजनबी शहर में ये पत्थर कहां से आया,
लोगों की इस भीड में कोई अपना ज़रूर है !!
ऐ इश्क़ जन्नत नसीब न होगी तुझे,
बड़े मासूम लोगों को तूने बरबाद किया है !!
ख्वाब, ख्याल, मोहब्बत, हक़ीक़त, गम और तन्हाई,ज़रा सी उम्र मेरी, किस-किस के साथ गुज़र गयी !!
कुछ लोग मुझे अपना कहा करते थे,
सच कहूँ तो सिर्फ़ कहा ही करते थे !!
कितने मासूम होते है ये आँसू भी,
ये गिरते भी उनके लिये है जिन्हें परवाह नहीं होती !!
कितनी झूठी होती है मोहब्बत की कसमे,
देखो तुम भी जिंदा हो और मैं भी !!
दर्द के सिवा कभी कुछ न दिया,
गज़ब के हमदर्द हो आप मेरे !!
देखो तो जरा ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है अगर इश्क है तो कह दो की अब दिल यहाँ नही रेहता !!

कट गया पेड़ मगर ताल्लुक की बात थी,
बैठे रहे ज़मीन पर वो परिंदे रात भर !!
क़ाश कोई ऐसा हो, जो गले लगा कर कहे,
तेरे दर्द से मुझे भी तकलीफ होती है !!
गमो में ऐसा घिरा जा रहा हूँ मैं,
जरा भी नही मुस्करा पा रहा हूँ मैं !!
किस किस को क्या इलज़ाम दूं दोस्तो,
जिन्दगी में सताने वाले भी अपने थेऔर दफनाने वाले भी अपने !!
मेरी शायरी ही है दिल का मरहम,
अगर मैं शायर ना होता तो शायद पागल होता !!
पलकों की हद को तोड़कर दामन पे आ गिरा,
एक अश्क मेरे सब्र की तौहीन कर गया !!
धीरे धीरे से खत्म होता जा रहा है,
वजूद कुछ उनका, वजूद कुछ हमारा !!
हमदर्दी ना करो मुझसे ए मेरे हमदर्द दोस्तों,
वो भी बड़ी हमदर्द थी जो दर्द हजारो दे गई !!
आज सोचा जिंन्दा हुँ तो घूम लूँ,
मरने के बाद तो भटकना ही है !!

अजीब मेरा अकेलापन है,
तेरी चाहत भी नहीं और तेरी जरूरत भी है !!
बहुत खो चुका हूँ अब खोने की ताकत नही मुझ में ए खुदा,ये जो कुछ लोग मेरे है उन्हें मेरा ही रहने दे !!
भाई इतने ज़ख्म थे दिल पे की,
हक़ीम ने इलाज़ में मौत ही लिख दी !!
एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम,
और आज कई बार बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है !!
हवाएं बदल गई है इस कदर जमाने की,
दुआएं माँग रहा हूँ होश में न आने की !!
आज रात जी भर के रो लूँ,
सुना है कल दर्द की नीलामी में अन्धेरा भी बिकेगा !!
मत खोल मेरी किस्मत की किताब को,
हर उस शख्स ने दिल दुखाया जिस पे नाज़ था !!
मुझे तूफ़ान में छोड़ के अच्छा किया,
मैं जो डूब के उभरुंगा तो कुछ और निकलूंगा !!
कुछ पल खामोशियो में खुद से रूबरू हो लेने दो यारो,ज़िन्दगी के शोर में खुद को सुना नहीं है मुद्दतो से मैंने !!
मेरा यूँ टुटना और टूटकर बिखर जाना कोई इतेफाक नहीं है,किसी ने बहुत कोशिश की है मुझे इस हाल तक पहुँचाने में !!
भीगी भीगी सी ये जो मेरी लिखावट है,
स्याही में थोड़ी सी, मेरे अश्कों की मिलावट है !!
दुश्मनों के साथ मेरे दोस्त भी आज़ाद है,
देखना है की खींचता है मुझ पे पहला तीर कौन !!

अश्क मजबूरी नहीं समझेंगे, जाइये आप जिधर जाना है,ये दो आंखें ही करेगी अब तय, डूबना है की उभर जाना है !!
ये लोग जो रोते है मेरी लाश पे,
अभी उठ जाऊँ तो जीने नहीं देंगे !!
ज़िन्दगी गुज़र रही है, इम्तिहानो के दौर से,
एक ज़ख्म भरता नहीं तो दूसरा तैयार मिलता है !!
इतना दर्द था मेरे आंसुओ में की,
जहां जहां गिरे वो जमीन बंजर हो गई !!
टूटे हुए काँच की तरह चकनाचूर हो गये,
किसी को लग ना जाये…इसलिए सबसे दूर हो गये !!
अब सज़ा दे ही चुके हो तो मेरा हाल ना पूछना,
अगर मैं बेगुनाह निकला तो तुम्हे अफ़सोस बहुत होगा !!
तजुर्बे ने एक बात सिखाई है की,
एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है !!
काश, OLX पे उदासी और अकेलापन भी बेचा जा सकता !!
अकेले रोना भी क्या खूब कारीगरी है,
सवाल भी खुद का रहता है और जवाब भी खुद का !!

अश्को में बहते कुछ कतरे ये बयान करते है,
हमने भी कभी खुशियों के ख्वाब देखे थे !!
जो भी आता है एक नयी चोट देकर चला जाता है,मैं मजबूत बहुत हूँ लेकिन पत्थर तो नहीं !!
न जाने कैसे आग लग गई बहते हुए पानी में,
हमने तो बस कुछ खत बहाऐ थे उसके नाम !!
वक़्त छीन लेता है बहुत कुछ,
खैर मेरी तो सिर्फ मुस्कराहट ही थी !!
देख कर मुझे पूछ बैठा एक अजनबी तुम रातों को देर तक जागते हो,
यादों के मारे हो या मोहब्बत में हारे हो ?
जख्म देना था तो पूरा जिस्म तेरे हवाले था,
कमबख्त वार किया भी तो सिर्फ दिल पर ही किया !!
ये जो मेरे हालात है, एक दिन सुधर जाएंगे,
लेकिन तब तक कई लोग मेरे दिल से उतर जाएंगे !!
लोग कहते है शराब पीने से कलेजा जलता है,
और हम कहते है की शराब तभी पी जाती है जब कलेजा जलता है !!

तुम ना लगा पाओगे अंदाजा मेरी तबाही का,
तुमने देखा ही कहाँ है मुझे शाम होने के बाद !!
कभी टूटकर बिखरो तो मेरे पास आ जाना,
मुझे अपने जैसे लोग बहुत पसंद है !!
मत हो उदास इतना किसी के लिए ए दीपक,
किसी के लिए जान भी दे देगा तो लोग कहेंगे की इसकी उम्र ही इतनी थी !!
मैं फिर से निकलूंगा तलाश -ए-जिन्दगी में,
दुआ करना दोस्तो इस बार किसी से इश्क ना हो !!
सुना था दर्द का अहसास तो चाहने वालों को होता है,जब दर्द ही चाहने वाले दे तो एहसास कौन करेगा !!
काट कर जुबा मेरी कह रहे है मेरे कातिल,
अब तुम्हे हाले दिल सुनाने की इजाजत है !!
वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है,इसलिए वो रोज़ नया दर्द देता है मेरी ख़ुशी के लिए !!
पगली तेरी मोहब्बत ने मेरा यह हाल कर दिया है,मैं नही रोता, लोग मुझे देख के रोते है !!
बताओ तो कैसे निकलता है जनाज़ा उनका,
वो लोग जो अन्दर से मर जाते है !!

तेरी नाराज़गी वाजिब है दोस्त,
मैं भी खुद से खुश नहीं आजकल !!
मेरी खामोशी काे माैत मत समझो ए मेरे दाेस्ताे,
बस जरा थकान महसूस हुई आैर आंख लग गई !!
हालात ने तोड़ दिया हमे कच्चे धागे की तरह,
वरना हमारे वादे भी कभी ज़ंजीर हुआ करते थे !!
उसने कहा तुम सबसे ‎अलग हो, ‎
सच कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग !!
एक नींद है जो रात भर नहीं आती,
और एक नसीब है जो न जाने कब से सो रहा है !!
मैं कभी बुरा नही था उसने मुझे बुरा कह दिया,
फिर मैं बुरा बन गया ताकी उन्हे कोई झुठा ना कह दे !!
क्या हुआ अगर हम किसी के दिल में नहीं धड़कते,आँखो में तो बहुतो के खटकते है !!
शायरियों से बुरा लगे तो बता देना दोस्तों,
दर्द बाँटने के लिए लिखता हूँ, दर्द देने के लिए नहीं !!
ज़िंदगी भर मौत के लिए दुआ करते रहे खुदा से,
और जब जीना चाहा तो दुआ क़बूल हो गई !!
और भी बनती लकीरें दर्द की शायद,
शुक्र है तेरा खुदा जो हाथ छोटा सा दिया !!

 

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