Bewafa Status in hindi For Whatsapp And Facebook 2020

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Bewafa Status in hindi

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जिंदगी बेरुखी सी हो गयी है,
जब से उस शख्स को किसी और से मोहब्बत हो गयी है !!

 

हर किसीके दिल में बसते हो,
ए सनम तुम कितने सस्ते हो !!

 

सोचती हूँ अब खुद पर ही लगा दूँ इल्जाम,
दिल मानता ही नहीं की तुम बेवफा थे !!

 

हम आपसे थोडा गुस्से क्या हुए,
आप तो सच में बेवफा हो गए !!

 

लाख कसमें ले लो किसीसे,
छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है !!

 

मोहब्बत में हर चीज़ कबूल थी तेरी यारा,
बस तेरी मोहब्बत का बंटवारा हमसे देखा न गया !!

 

तुझे क्या फर्क पड़ेगा मुझसे बिछड़ने से,
सच्ची मोहब्बत तो मेरी है तेरी नहीं !!

 

जिस पर भी यकीन करो वही छोड़ने की सोचता है,
ना जाने दुनिया वालों को वफ़ा अच्छी क्यूँ नहीं लगती !!

 

कोई उम्मीद नहीं थी उनसे वफ़ा की हमें,
बस एक जिद थी की दिल टूटे तो उनके हाथों से !!

 

तेरी ना हो सकी तो मर जाउंगी मैं,
कितना खुबसूरत वो झूठ बोलती थी !!

 

तुम चाहे बेवफा ही सही,
पर आज भी तुम्हारे दर्द से मुझे दर्द होता है !!

 

तेरी तरह ये ढलता हुवा सुरज भी,
हर रोज बेवफाई कर जाता है अपने उजाले से !!

 

जनाजा उठा है आज कसमों का मेरी,
एक कंधा तो तेरे वादों का भी होना चाहिए !

 

तुमने मुझे छोङ दिया चलो कोई बात नहीं,
लेकिन जिसके लिए मुझे छोड़ा है उसे कभी मत छोड़ना !!

 

लिखा जो खत हमने वफा के पते पर,
डाकिया भी मर गया शहर ढूंढते ढूंढ़ते !!

 

मत रखो वफ़ा की उमीद दोस्तो इन हुस्न की तितलिओ से,
एक फूल छोड़कर दूसरे फूल पर बैठना इनकी फितरत होती है !!

 

मोहब्बत के ख्वाब जितने मरजी सजा लो तुम,
बेवफाई एक झटके में सबको चकनाचूर कर देगी !!

 

अब किसी और के वास्ते ही सही,
तेरे मुस्कुराने के अंदाज़ वैसे ही है !!

 

पहले जो मुझे अपना खुदा माना करती थी,
आज किसी और को अपनी ज़िंदगी बनाए बैठी है !!

 

मेरे शिकवों पे उसने हंस कर कहा,
किसने की थी वफ़ा जो हम करते !!

 

कितना लुफ्त ले रहे है लोग मेरे इश्क का,
बेवफा देख तूने तो मेरा तमाशा बना दिया !!

 

हमें बेवफा बोलने वाले तू भी सुन ले आज,
जिनकी फितरत बेवफाई होती है उनके साथ कब वफ़ा होती है !!

 

आंखे बंद करके चलाना खंजर मुझ पर,
कहीं मैं मुस्कराया तो तुम पहले मर जाओगे !!

 

मेरे क़दम भी रुक गये उसके माथे पर सिंदूर देख कर,
उसने भी देखो यारों अपनी कार का शीशा चढ़ा लिया !!

 

मेरी वफ़ाओं का मुझको सिला वो क्या देगी,
मैं जानता हूँ की मजबूरियाँ गिना देगी !!

 

अपनी वफ़ा का इतना दावा ना किया कर,
मैंने रूह को जिस्म से बेवफाई करते देखा है !!

 

इतनी शिद्दत से उसने की है बेवफ़ाई,
अब टूटना तो मेरे दिल का फर्ज़ बनता है !!

 

डूबी है मेरी उंगलियाँ मेरे ही खून में,
ये काँच के टुकड़ो पर भरोसे की सज़ा है !!

 

अक्सर लोगों की वफ़ा तब तक होती है,
जब तक कोई मतलब होता है !!

 

जब से तू दगा कर गया है,
तब से मुझे अपनी परछाई से भी डर लगता है !!

 

अपना था तभी तो तनहा छोड़ गया,
गैर होता तो शायद वफ़ा करता !!

 

ना जाने मेरी मौत कैसी होगी,
पर ये तो तय है की तेरी बेवफाई से तो बेहतर होगी !!

 

तुझपे तो चाहतों की इन्तेहा की थी मैंने,
बता तुझे किसी और का होने की जरुरत क्या थी !!

 

अभी भी बाकी है कुछ उम्मीदें उनसे,
जो मेरी सारी उम्मीदें तोड़कर चले गए !!

 

सुन बेवफा अपना दिल निकालती हूँ मैं,
तूम फिर एक बार फरेब से निशाना लगाना !!

 

पूरी रात रोती रही बरसात भी मेरे संग,
तू तो बेवफ़ा है तुझे सोने से फ़ुर्सत कहाँ है !!

 

वफ़ा की उम्मीद करू भी तो किससे करूँ मैं,
मुझे तो मेरी जिन्दगी भी एक बेवफा ही लगती है !!

 

मैंने देखा है तुझे गैरों से दिल लगाते हुए,
मेरे यकीन की कश्तिया यूँ ही तो नहीं डूबी !!

 

सोच रहा हूँ की मुझे वफ़ा करने पर ऐसी सज़ा मिल रही है,
तो उस बेवफ़ा का क्या होगा जिसने मुझे मिट्टी में मिलाया है !!

 

कितनी भी सच्ची मोहब्बत कर लो,
बेवफा लोग साथ छोड़ ही देते है !!

 

हाँ वो शख्स झूठा ही लगता है अब,
जो कहता है तुम्हारा साथ नहीं छोड़ेंगे !!

 

खुश तो वो रहते है जो जिस्मों से मोहब्बत करते है,
रूह से मोहब्बत करने वालों को अक्सर तड़पते ही देखा है !!

 

ना जाने वो लोग कैसे होते है,
जो किसीसे वफ़ा किया करते है !!

 

जनाजा देखकर मेरा वो बेवफा बोल पड़ी,
वही मरा है ना जो मुझ पर मरता था !!

 

जा पगली जी ले अपनी जिन्दगी,
मैं मोहब्बत का राजा हूँ जो गद्दारों के मुह नहीं लगता !!

 

ए बेवफा कोई सुलह करा दे,
मुजे आज बड़ी तलब लगी है मुस्कुराने की !!

 

ना रखो किसीसे मोहब्बत की उम्मीद ऐ दोस्तों,
ख़ुदा की कसम लोग खूबसूरत बहुत है पर वफ़ादार नहीं !!

 

मुझको छोड़ने की वजह तो बता देते,
मुझसे नाराज थे या मुझ जैसे हजारों थे !!

 

पिंजरे में क़ैद करो या हमारे पर काटो ए बेवफा,
हम तो तुम्हारे जाल में फसे हुए परिंदे की तरह है !!

 

कोई जब दगा देता है किसीको,
तो तुम्हारी याद और भी आती है !!

 

एक बार भूल से ही कहा होता की हम किसी और के भी है,
खुदा कसम हम तेरे साये से भी दूर रहते !!

 

किस हक़ से मांगू अपने हिस्से का वक्त तुमसे,
क्यूंकि ना ये मेरा है और ना ही तुम मेरे हो !!

 

फिर एक दिन ऐसा भी आया जिन्दगी में,
की मैंने तेरा नाम सुनकर मुस्कुराना छोड़ दिया !!

 

क्या ज़रुरत थी चोट-ए-बेवफाई की,
नादान दिल झूठे वादों में ही खुश था !!

 

हर कोई तेरे आशियाने का पता पूछता है,
न जाने किस किस से वफा के वादे किये है तूने !!

 

लाश पता नहीं किस बदकिस्मत की थी,
मगर क़ातिल के पैरो के निशान बड़े हसीन थे !!

 

चलो ये जिन्दगी भी तुम्हारे नाम करते है,
सूना है बेवफा की बेवफा से खूब बनती है !!

 

उसने मुझसे पूछा की तुम्हारी सबसे बड़ी गलतफहमी क्या थी,
मैंने कहा की तुमसे वफ़ा की उम्मीद करना !!

 

तुम बेवफा होकर भी कितने अच्छे लगते हो,
रब जाने तुम में वफा होती तो क्या होता !!

 

उन्हें इश्क़ हुआ था,
मुझे आज भी है !!

 

ना जाने किस कालेज से ली थी मोहब्बत की डिग्री उसने,
की मुझसे किये सारे वादे फर्जी निकले !!

 

मुद्दतें हो गयी है तुमसे वफ़ा करते हुए,
शर्म सी आती है अब तो तेरे लिए दुआ करते हुए !!

 

दर्द उस खंजर से नहीं हुआ जो मेरी पीठ में लगा,
दर्द तब हुआ जब खंजर वाले हाथ को देखा !!

 

आजकल मंदिर में भी नहीं दिखती हो,
क्या खुदा भी बदल लिया है तूने !!

 

बहोत ख़ामोशी से टूट गया,
वो एक भरोसा जो तुझपे था !!

 

इजाज़त हो तो तेरे चहेरे को देख लूँ जी भर के,
मुद्दतों से इन आँखों ने कोई बेवफा नहीं देखा !!

 

ऐ बेवफा चल एकबार देख पीछे मुड़कर,
मैं जरा देख तो लु की वो इश्क ही था या सिर्फ एक धोखा !!

 

बेवफा भी नहीं कह सकते उस ज़ालिम को,
प्यार तो हमने किया है वो तो बेक़सूर था !!

 

तेरी हजार गलतियाँ माफ़ है,
लेकिन बेवफाई एक भी नहीं !!

 

कितने आसान लफ्जों मे कह गई मुझे,
सिर्फ दिल ही तोड़ा है कौन-सी जान ले ली तेरी !!

 

हो सके तो वक्त पे लौट आना ए बेवफा,
वरना मेरी साँसो की जगह मेरी राख मिलेगी !!

 

डूबी है मेरी उंगलिया खुद अपने लहू में,
ये कांच के टुकडो को उठाने की सजा है !!

 

उस बेवफा ने फ़िर से सलाम भेजा है,
उसकी फिर किसीसे बिगड़ गयी होगी !!

 

क्या मिला उस बेवफा को हमसे नाता तोड़ कर,
आज खुद भी तनहा फिर रहा है हमको तनहा छोड़ कर !!

 

सुन पगली…तू अपने # boyfriend की

 

मिटा दे उसकी तस्वीर मेरी आँखों से ऐ खुदा,
अब तो वो मुझे ख्वाबों में भी अच्छी नहीं लगती !!

 

डर रहा हूँ आजकल मैं वफाओं से,
लेकिन इसका ये मतलब तो नहीं की हम बेवफा है !!

 

उन्हे याद तो हम भी आते ही होंगे,
वफाओं का जब कहीं जिक्र होता होगा !!

 

डालना अपने हाथों से कफन मेरी लाश पर,
की तेरे दिए जखमों के तोहफे कोई और ना देख ले !!

 

तराजू मोहब्बत का था,
बेवफाई भारी पड गयी !!

 

पिछले बरस था खौफ तुझे खो ना दूँ,
अब के बरस दुआ है तेरा सामना ना हो !!

 

तुम मत करो रातों को जागने की कोशिश,
बेवफा हो तुमसे नहीं होगा !!

 

कोई तुझसा ही तुझको मिले,
वास्ता हमको इंतकाम से नहीं अब !!

 

चलो ये जिन्दगी भी अब तुम्हारे नाम करते है,
सूना है बेवफा की बेवफा से खूब बनती है !!

 

जिनकी फितरत में हो धोखा देना,
वो लोग चाहकर भी बदल नहीं सकते !!

 

दूर गगन में उड़ कर भी लौट आते है,
परिंदे इंसान की तरह बेवफ़ा नहीं होते !!

 

कोई ऐसा ‎कानून भी बना दो दोस्तों,
की जो बेवफा हो जाए उसे कोई ना अपनाए !!

 

उसे तो नफ़रत थी बेवफा लोगों से,
फिर कैसे अब खुद को संभाल रहा होगा वो !!

 

मुझे गम नहीं तेरी बेवफाई का,
मैं मायूस हूँ बस अपनी वफ़ा से !!

 

जो लड़कियां प्यार में बेवफा निकलती है,
वो अक्सर अपने माँ बाप की वफादार होती है !!

 

जब निकले मेरा जनाजा तो खिड़की से झांक लेना,
फूल तो बहुत महंगा पड़ेगा पत्थर तो मार देना !!

 

उसको बेवफा कहकर अपनी ही नजर में गिर जाते है हम,
वो प्यार भी अपना था और वो पसंद भी अपनी थी !!

 

एक चेहरा पड़ा मिला आज रास्ते पर मुझे,
ज़रूर किरदार बदलते वक़्त उसीका गिरा होगा !!

 

इतना ही गुरुर है तो मुकाबला इश्क से कर ऐ बेवफा,
हुस्न पर क्या इतराना जो मेहमान है कुछ दिन का !!

 

शर्त भी अजीब रख दी उस बेवफा ने मिलने की,
सूखे पत्तों पर चल कर आना और आवाज भी ना हो !!

 

वो बेवफा अपनी ज़िंदगी में हुआ मशरूफ इतना,
वो किस-किस को भूल गया उसे यह भी याद नहीं !!

 

कहीं तुम भी न बन जाना पन्ना किसी किताब का,
लोग बडे गौर से पढ़ते है किस्से बेवफाओं के !!

 

धोखा देना हर ‎लड़की का काम होता है,
‎मजबूरी तो बस छुपाने का नाम होता है !!

 

तुम्हें छोड़ दूं तो मर ना जाऊँ,
कुछ इस तरह के थे वादे उस बेवफा के !!

 

कभी देखा है अंधे को किसीका हाथ पकड़कर चलते हुए,
इस कदर मैंने मोहब्बत में तुझ पर भरोसा किया था !!

 

कोई बात नहीं गर तेरे लाख गुनाह हो,
पर गुनाह ए बेवफाई काबिल ए माफ़ी नहीं !!

 

समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से,
अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी !!

 

वफ़ा करनी भी सीखो इश्क़ की नगरी में ए दोस्त,
फ़क़त यूँ दिल लगाने से दिलों में घर नहीं बनते !!

 

कुछ अलग ही करना है तो वफ़ा करो ए दोस्त,
वरना मज़बूरी का नाम लेकर बेवफाई तो सभी करते ही है !!

 

तुम्ही ने लगा दिया इल्जाम ए बेवफाई मुझ पर,
मेरे पास तो वफ़ा के गवाह भी सिर्फ तुम ही तो थे !!

 

हमें तो कबसे पता था की तू बेवफ़ा है,
तुझे चाहा इसलिए की शायद तेरी फितरत बदल जाये !!

 

जब किया हमने सवाल ए वफा तो वो मुस्करा के बोले,
हमने मोहब्बत ही कब की थी जो तुमसे वफा करते !!

 

किसी को इतना भी न चाहो की भुला न सको,
क्यूंकि ज़िंदगी, इन्सान और मोहब्बत तीनों बेवफा है !!

 

एक आरज़ू थी तेरे साथ जिंदगी गुजारने की,
पर तेरी तरह मेरी तो ख्वाहिशें भी बेवफा निकली !!

 

नहीं चाहिए कुछ भी तेरी इश्क़ की दूकान से,
हर चीज में मिलावट है बेवफाई की !!

 

बनाई थी झोपड़ी मैंने भी इश्क की,
तेरी बेवफाई की तेज बाढ़ ने उसे भी खंडन कर दिया !!

 

कैसे रखता मैं उस परिंदे को अपने दिल के पिंजरे में,
उस बेवफा का तो शौक ही था डालियाँ बदलने का !!

 

कब तक तेरी बेवफ़ाई को हादसा समझू ,
तूने तो शहर में मेरा तमाशा बना रखा है !!

 

ये कमबख्त दिल ही मेरा इश्क करने के काबिल नहीं,
वरना मुजसे दिल लगा कर कोइ बेवफा क्यों हो जाता !!

 

नाता हम दोनों का टूटा ही कब था,
बस तूने ही कहीं और दिल लगा लिया !!

 

वो अक्सर कहता है मुझसे की बड़ी मज़बूरीयाँ है वक़्त की,
साफ लफ़्जो में वो खुद को कभी बेवफ़ा नहीं कहता !!

 

वादा ‎दोनो ने किया जीना मरना साथ ,
कहीं जिस्म नीला हुआ कहीं पीले हाथ !!

 

दिल रो रहा है मगर होंठ मुस्कुरा रहे है,
उस बेवफ़ा के प्यार को हम आज भी निभा रहे है !!

 

हम बेवफा है ये ऐलान कर देते है,
चल तेरे काम को हम आसान कर देते है !!

 

आओ तुम्हे बिठा लूं फिर से इस दिल में,
तू बेवफा है तो क्या हुआ, मेरी मोहब्बत भी तो है

 

अगर दिल तोङने पर ईनाम मिलते तो,
मेरी मेहबूबा मालामाल होती !!

 

वो मुझे भूल गई कोई गम नहीं है उसका,
मुझको दुःख है की मेरी जिन्दगी का चिराग थी वो !!

 

वो जिनकी आँखों में चमकते थे वफ़ा के मोती,
यकिन मानो वो आँखे भी आज बेवफा निकली !!

 

वो जिनकी आँखों में चमकते थे वफ़ा के मोती,
यकिन मानो वो आँखे भी आज बेवफा निकली !!

 

मैं फिर से कर लूँगा मोहब्बत तुमसे,
एक बात बताओ की इसबार वफ़ा कितने दिन तक करोगे !!

 

ताजमहल को बनाना तो हमें भी आ गया है अब,
कोई एक मुठ्ठी वफ़ा अगर ला दे तो हम काम शुरू करें !!

 

बहुत दिन हो गये मोहब्बत लफ्ज सुनकर,
आज बेवफा सुना तो तुम याद आ गये !!

 

मैंने उसे मेरे सच्चे प्यार में खुदा माना था,
और उस बेवफा ने मेरे खुदा की तौहीन कर दी !!

 

बेवफा हो गयी वो मेरे करीब होते ही,
ऐ खुदा क्या गरीब इसांन वफा नहीं करता !!

 

मेरे और तुम्हारे नजरिये में इतना फ़र्क़ था,
तुम्हे वक़्त गुजारना था और मुझे ज़िन्दगी !!

 

बेवफा तेरा मासुम चेहरा भुल जाने के काबिल नहीं,
है मगर तु बहुत खुबसुरत पर दिल लगाने के काबिल नहीं !!

 

दर्द क्या होता है वो बेवफा क्या जाने,
उसे तो हर कदम पर वफा ही मिलती है !!

 

बेवफा होने की हजारों मजबूरियां गिना दी उसने,
काश वफ़ा करने की भी कोई मज़बूरी होती !!

 

सोच की अगर मैं तेरी तरह होता तो,
तु कब की खुदकुशी कर गई होती !!

 

‎प्यार था, मोहब्बत थी, ‎इश्क़ था और अदा थी,
वफ़ा भी होती तो क़यामत था वो शख़्स !!

 

वो मेरा वहम था की वो मेरा हमसफ़र है,
वो चलता तो मेरे साथ था लेकिन किसी और के लिए !!

 

कौन सी स्याही और कौन सी कलम से लिखता होगा,
जब वो खुदा किसी के नसीब में एक वेवफा लिखता होगा !!

 

हम तो इन्तेजार करते करते अब मर जायेंगे,
कोइ तो आये एेसा जिन्दगी में जो बेवफा ना हो !!

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