2 line shayari | download free photos 2 line shayari

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2 line shayari :- 2 line shayari से हम लोगो से बहुत कुछ बोल सकते है और बता सकते है अपने मन में की बाते और feelings के बारे में हम लोगो के बिच में जब रहते है तब उनसे अपने प्यार की बाते भी 2 line shayari में बोल कर कर सकते है और लोगो को shayari बोलने वाले लोग बहुत ज्यादा पसंद होते है वैसे लोग अपनी तरफ ज्यादा से ज्यादा लोगो का ध्यान आकर्षित करते है अगर आपको भी लोगो का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करना है तो आप भी 2 line shayari जरूर पड़े

 

whatsappwale एक ऐसी वेबसाइट है जहा आप को किसी भी तरह के clone Status or Shayari देखने नहीं मिलेंगे क्यों की हम न इंटरनेट से तो शायर के किताब से इसे खोज कर निकालते है और आप के साथ शेयर करते है

 

सिर्फ तेरे इश्क की गुलामी में हु आज भी,
वरना ये दिल एक अरसे तक नवाब रहा हे !!

 

ना दिल की चली ना आँखों की,
हम तो दीवाने बस तेरी मुस्कान के हो गए !!

 

यूँ तो हम अपने आप में गुम थे,
सच तो ये है की वहाँ भी तुम थे !!

 

तुम्हारी मिसाल ही यही,
की बे-मिसाल हो तुम !!!

 

तुम दुआ के वक्त जरा मुझको भी बुला लेना,
दोनो मिलकर एक दुसरे को मांग लेंगे !!

 

मेरा कत्ल करके क्या मिलेगा तुमको,
हम तो वैसे भी तुम पर मरने वाले हैं !!

 

दिल पे आए हुए इल्ज़ाम से पहचानते है,
लोग अब मुझ को तेरे नाम से पहचानते है !!

 

उन आँखों को चैन कहाँ आता है ,
जिन आँखों में सवार इश्क़ हो जाता है !!

 

तूने जिंदगी का नाम तो सुना होगा,
मैने अक्सर तुम्हे इसी नाम से पुकारा है !!

 

तेरी आँखों में शायद बस गया है कोई,
इक अजीब सी चमक दिखाई पडती है !!

इज़ाज़त हो तो मांग लूँ तुम्हे,
सुना है तक़दीर लिखी जा रही है !!

 

मत दे दुआ किसी को अपनी उमर लगने की,
यहाँ ऐसे भी लोग है जो तेरे लिए जिन्दा हैं….!

 

पगली तेर लिये इस दिल ने कभी बुरा नही चाहा,
ये और बात है मुझे साबित करना नहीं आया..!!

 

रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की ,,
ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी !!

 

दादागिरी तो हम मरने के बाद भी करेंगे ,
लोग पैदल चैलेगे और हम कंधो पर ..!!

 

…..अगर हम जैसे शरीफो ने दादागिरी
शुरु करदी तो, इन हसिनाओ को कोन संभालेगा !!

 

होश वालों को खबर क्या बेखुदी क्या चीज़ है ,
इश्क़ कीजिए फिर समझिए जिंदगी क्या चीज़ है ll

 

दिल मे बने रहना ही सच्ची शोहरत है ,,
वरना मशहूर तो कत्ल करके भी हुआ जा सकता है..!!l

 

दिखावे की मोहब्बत तो जमाने को हैं हमसे पर…,,ये दिल तो वहाँ बिकेगा जहाँ ज़ज्बातो की कदर होगी .

 

उसके होंठों पे कभी बददुआ नहीं होती , बस इक माँ है जो मुझसे कभी खफा नहीं होती.

 

उसको रुखसत तो किया था, मुझे मालून न था. सारा घर ले गया, छोड़ के जाने वाला…..

 

हजारो टुकडे कीये उसने मेरे दिल के मगर,
खुद ही रो पडी हर टुकडे पर अपना नाम देखकर !!

 

हर रात जान बूझकर रखता हूँ दरवाज़ा खुला,
शायद कोई लुटेरा मेरा गम भी लूट ले !!

 

तुझसे अच्छे तो जख्म है मेरे,
उतनी ही तकलीफ देते है जितनी बर्दास्त कर सकूँ !!

 

गुजरे है आज इश्क में हम उस मुकाम से,
नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से !!

 

तज़ुर्बा कहता है मोहब्बत से किनारा कर लूँ ,
और दिल कहता है की ये तज़ुर्बा दोबारा कर लूँ !!!

 

दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र आता है,
सोचता हूँ तेरी तस्वीर लगा कर देखूँ !!

 

जिसका पिंजरा रखा भी तो खुले आसमान के तले !!

 

रुको मैं दिल दिखाता हूँ, नब्ज़ क्या खाक बोलेगी, मरीज-ए-इश्क हूँ साहिब, दवाएं दूर ही रखो !!

 

अकेला वारिस हूँ उसकी तमाम नफरतों का,
जो शख्स सारे शहर में प्यार बाटंता है !!!

 

तुम्हारा नाम किसी अजनबी के लब पे था,
ज़रा सी बात थी, दिल को मगर लगी बहुत है !!

 

हर एक से पूछा सबब उसके छोड़ जाने का,
हर एक ने कहा की वो तेरे लिए बना ही नहीं !!

 

हाथ कांटो से कर लिए जख्मी,
एक फूल तेरे बालो में सजाने के लिए !!

 

टूट कर भी कम्बख्त धड़कता रहता है,
मैंने इस दुनिया में दिल सा कोई वफादार नहीं देखा !!!

 

जज्बे तमाम खो गए वक़्त की धूल में,
अब दिल में धड़कनो के सिवा कुछ नहीं बचा !!

 

लोग कहते थे की मेरा दिल पत्थर का है,
यकीन मानिये कुछ लोग इसे भी तोड़ गए !!!

 

सबूत तो गूनाहो के होते है,
बेगुनाह मोहब्बत का क्या सबूत दू ?

 

आओ मिलकर मोहब्बत को आग लगा दे,
की फिर ना तबाह हो किसी मासूम की जिन्दगी !!

 

अगर मालुम होता की इश्क इतना तड़पाता है,
तो दिल जोड़ने से पहले हाथ जोड़ लेते !!

 

तेरे जुल्म की इंतहा मालूम है हमे फिर भी,
हसरतों का कारवां है की थमता ही नहीं !!

 

आप का एतिबार कौन करे रोज़ का इंतिज़ार कौन करे…

 

किसे यक़ीन कि तुम देखने को आओगे अख़ीर वक़्त मगर इंतिज़ार और सही…

 

तेरे आने की क्या उमीद मगर कैसे कह दूँ कि इंतिज़ार नहीं…

 

तेरे आने की क्या उमीद मगर कैसे कह दूँ कि इंतिज़ार नहीं…

 

थक गए हम करते करते इंतिज़ार इक क़यामत उन का आना हो गया….

 

मैं लौटने के इरादे से जा रहा हूँ मगर सफ़र सफ़र है मेरा इंतिज़ार मत करना…

 

है ख़ुशी इंतिज़ार की हर दम मैं ये क्यूँ पूछूँ कब मिलेंगे आप…

 

मेरे पास क्या कुछ नहीं और एक मुस्तक़िल इंतिज़ार और आँसू.

 

बे-वजह इंतिज़ार दिखाने से फ़ाएदा कह दीजिए कि सामने आया न जाएगा

 

हो चली ख़त्म इंतिज़ार में उम्र कोई आता नज़र नहीं आता

 

चाहत की कोई हद नहीँ होती.. सारी उम्र भी बीत जाए.. मोहब्बत कभी कम नहीँ होती.!!

 

कर मेरी मोहब्बत का ऐतबार समंदर मै वो कश्ती हु जिसे कोई डूबा नही सकता .

 

हमे तुम्हे से मोहब्बत है बेशाक़ इम्तहान ले लो. चाहे तो दिल ले लो चाहे जान ले लो.

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